अध्याय 12 | TOP 10 AACHARYA CHANAKYA NITI | आचार्य चाणक्य नीति
TOP 10 AACHARYA CHANAKYA NITI सानन्दं सदनं सुताश्च सुधियः कान्ता प्रियालापिनी इच्छापूर्तिधनं स्वयोषितिरतिः स्वाऽऽज्ञापराः से…
TOP 10 AACHARYA CHANAKYA NITI सानन्दं सदनं सुताश्च सुधियः कान्ता प्रियालापिनी इच्छापूर्तिधनं स्वयोषितिरतिः स्वाऽऽज्ञापराः से…
TOP 10 AACHARYA CHANAKYA NITI धनहीनो न हीनश्च धनिकः स सुनिश्चयः। विद्यारत्नेन यो हीनः स हीनः सर्ववस्तुषु।। अर्थात : धन से ही…
TOP 5 AACHARYA CHANAKYA NITI काष्ठपाषाणधातूनां कृत्वा भावेन सेवनम्। श्रद्धया च तया सिद्धस्तस्यः विष्णुः प्रसीदति।। अर्थात : …
TOP 5 AACHARYA CHANAKYA NITI वित्तं देहि गुणान्वितेषु मतिमन्नान्यत्र देहि क्वचित् प्राप्तं वारिनिधेर्जलं घनमुखे माधुर्ययुक्त…